गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड में संदिग्धों को की अब खेर नहीं पुलिस ने पहचान छिपाने वालों की धरपकड़ को आपरेशन क्रैक डाउन शुरू कर दिया है। इसके तहत एक माह तक यह अभियान चलेगा। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि प्रदेश की शांतवादियों में छिपकर रहने वाले आपराधिक तत्वों के विरूद्ध एक माह तक आपरेशन क्रैक डाउन चलेगा। आपरेशन शुरू करने की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिले के सभी थाना चौकी तथा सर्किल स्तर पर अभियान प्रारंभ हो गया है। इसके तहत जनपद में रहने वाले अज्ञात, अपरिचित तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन कर आपराधिक गतिविधियों को जड़ से समाप्त किया जाएगा। बताया कि पुलिस का फोकस उन बाहरी अपरिचित व्यक्तियों पर रहेगा जो आश्रमों, होमस्टे, होटल, गेस्टहाउस, हॉस्टल, पेइंग गेस्टहाउस, किराए के मकानों, कोचिंग सेंटरों में रह रहे हैं। इसके अलावा बाहरी श्रमिकों की पृष्ठभूमि का भी पता लगाया जाएगा।
एसपी पंवार ने बताया कि इसके लिए थाना स्तर पर फील्ड टीमें गठित कर दी गई है। इसके तहत थाना क्षेत्रों में रह रहे लोगों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। एक डेटा विश्लेषण टीम की ओर से एकत्रित सूचनाओं का तकनीकी परीक्षण कर राष्ट्रीय पोर्टलों से मिलान किया जाएगा। अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर संदिग्ध व्यक्तियों पर खास निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान व्यवसाय, नौकरी, श्रम कार्य या अल्पावधि प्रवास को आए व्यक्तियों के पहचान पत्र/आईडी के आधार पर सत्यापन करने की कवायद शुरू कर दी गई है। मकान मालिकों, होटल एवं होम स्टे संचालकों से अपने यहां निवासरत व्यक्तियों का विवरण संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वाले तत्वों की पहचान कर किसी भी असामाजिक गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस का मुख्य मकसद रहेगा।