- भालू से भिड़कर साथियों की रक्षा करने वाले पांच बाल वीरों का मुख्यमंत्री धामी ने भी किया सम्मान, राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नामित
देहरादून। चमोली के पोखरी ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर के पांच बाल वीरों की बहादुरी को देहरादून में लगातार सम्मान मिल रहा है। जंगली भालू के अचानक हमले के दौरान अपने साथियों की रक्षा करने वाले देवेश, पंकेश, आरव पुंडीर, दिव्या और दीपिका को हरियाली एनक्लेव समिति ने अध्यक्ष रामचन्द्र भट्ट के नेतृत्व में सम्मानित किया। समिति ने बच्चों को स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इन बाल वीरों को सम्मानित किया।
पांचों बच्चों के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नामित किए गए
संकट की घड़ी में जंगली भालू का सामना कर अपने साथियों की रक्षा करने वाले चमोली के पांच नन्हे बाल वीर आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गए हैं। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर, पोखरी के देवेश, पंकेश, आरव पुंडीर, दिव्या और दीपिका ने जिस साहस, सूझ-बूझ और आत्मविश्वास का परिचय दिया, उसकी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है।
हरियाली एनक्लेव समिति के अध्यक्ष रामचन्द्र भट्ट के नेतृत्व में हरियाली एनक्लेव समिति ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
देहरादून पहुंचने पर बाल वीरों का हरियाली एनक्लेव, लोअर नत्थनपुर में विशेष सम्मान किया गया। हरियाली एनक्लेव समिति के अध्यक्ष रामचन्द्र भट्ट के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने बच्चों का स्वागत करते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया।
हरियाली एनक्लेव समिति के अध्यक्ष रामचन्द्र भट्ट ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों ने जिस साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बच्चों की बहादुरी की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समिति के अध्यक्ष रामचन्द्र भट्ट, सदस्य एस.के. सती सहित अन्य सदस्यों ने पांचों बच्चों को सम्मान स्वरूप स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री भेंट की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। समारोह में हरियाली एनक्लेव समिति के सदस्य व्यास पंडित अरुण सती, इंजीनियर दिनेश बर्मन, पिंकी भट्ट सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने भी किया सम्मानित
हरियाली एनक्लेव समिति के सम्मान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देहरादून में इन पांचों बाल वीरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साहस की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के सम्मान से उनके परिजनों और विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने को बच्चों की बहादुरी के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन माना जा रहा है।
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नामित किए गए बच्चे
जंगली भालू के हमले के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले पांचों छात्र-छात्राओं देवेश, पंकेश, आरव पुंडीर, दिव्या और दीपिका के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नामित किए गए हैं। बच्चों के नाम राष्ट्रीय स्तर के वीरता सम्मान के लिए भेजे जाने से क्षेत्र में भी उत्साह है।
नंदा राज राजेश्वरी समिति ने भी किया सम्मान
इससे पहले नंदा राज राजेश्वरी जन कल्याण समिति की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में भी बाल वीरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खेल परिषद राज्य मंत्री कुलदीप बडोला एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष कमली भट्ट ने बच्चों को शॉल/अंगवस्त्र एवं प्रोत्साहन राशि भेंट कर उनके साहस को नमन किया।
कल्पना सती द्वारा भी बच्चों के प्रोत्साहन हेतु सामग्री प्रदान की गई। नंदा राज राजेश्वरी जन कल्याण समिति द्वारा बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप 11-1100 रुपए प्रदान किया गया समिति के अध्यक्ष जय थपलियाल सचिन गणेश सिलमाना कोषाध्यक्ष एसके सती ने बहादुर बच्चों का सम्मान किया
इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उपेंद्र सती को भी बच्चों में साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और मानवीय मूल्यों के विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समिति के सचिव गणेश सिलमाणा, अध्यक्ष जय थपलियाल एवं कोषाध्यक्ष एस.के. सती ने उनका सम्मान किया।
बाल वीरों की बहादुरी बनी प्रेरणा
भालू के अचानक हुए हमले के बीच अपने साथियों की रक्षा के लिए आगे आने वाले इन बच्चों की बहादुरी ने समाज के सामने साहस और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। बच्चों को मिल रहे लगातार सम्मान से उनका उत्साह बढ़ा है। रामचन्द्र भट्ट के नेतृत्व में हरियाली एनक्लेव समिति द्वारा किए गए सम्मान ने भी इन बाल वीरों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
